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ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते ही साझा हो जाती है आपकी गोपनीय डिटेल, रखें ये सावधानी

ग्वालियर। क्या आप जानते हैं कि ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के साथ ही आपका मोबाइल नंबर, एड्रेस व अन्य अहम जानकारी ऐसे अनजान लोगों के हाथों में पहुंच जाती है, जिन्हें आप जानते तक नहीं हैं। इतना ही नहीं जोमाटो, स्विगी या अन्य इस तरह की ऑनलाइन फूड चेन एप कंपनी में काम करने वाले डिलीवरी बॉय आपके नंबर पर कॉल कर घर तक डिलीवरी लेकर आते हैं, लेकिन इन डिलीवरी बॉय के पुलिस वैरीफिकेशन तक नहीं कराए हैं। ऐसे में डिलीवरी बॉय आपके मोबाइल से जुड़े आपके वॉटसएप, फेसबुक व अन्य तरह की जानकारी का दुरुपयोग कर सकते हैं। सवाल उठता है किसी घटना के बाद जिम्मेदारी किसकी होगी।

ऑनलाइन फूड बुकिंग व होम डिलीवरी देने वाली कंपनी में भर्ती के लिए लोकल कंसल्टेंसी की मदद ली जाती है। लोकल कंसल्टेंसी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, डिलीवरी बॉय का पेन व आधार कार्ड नंबर लेकर कंपनी के दफ्तर भेजकर डिलीवरी बॉय को ज्वाइनिंग दे देते हैं। साथ ही इन युवकों की डिटेल पुलिस वैरीफिकेशन के लिए ग्वालियर एसपी ऑफिस में भी भेजनी होती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।

भिंड, मुरैना सहित आसपास के राज्यों के सैकड़ों लड़के इन ऑनलाइन फूड चेन एप कंपनियों मंे काम कर रहे हैं। पर यहां जॉब से पहले इनका चरित्र कैसा है, इसका कोई सत्यापन न तो कंपनी के पास है न ही पुलिस के पास है। इनमें से कई लोगों का अपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है।

कानून कहता है जिस जिले में कर्मचारी काम कर रहा है, वहां के पुलिस थानों या एसपी कार्यालय की पुलिस वैरीफिकेशन सेल में कर्मचारी का वैरीफिकेशन होना चाहिए। ग्वालियर पुलिस के वैरीफिकेशन सेल में पता किया तो जानकारी मिली कि जोमाटो, स्विगी व अन्य ऑनलाइन सर्विस देने वाली फूड चेन एप, कोरियर सर्विसेस की तरफ से कर्मचारियों का वैरीफिकेशन नहीं कराया गया है।

यदि किसी भी कंपनी ने अपने कर्मचारी का पुलिस वैरीफिकेशन नहीं कराया है तो ऐसी स्थिति में इसे लोक सेवक के आदेश की अवहेलना मानते हुए धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। यह मामला कंपनी के स्थानीय जिम्मेदार व्यक्ति व मैनेजर जो भी हो उस पर दर्ज किया जाएगा।

 

यह हो सकती है घटना

 

 

जैसे किसी महिला ने कोई फूड ऑर्डर किया। कंपनी ने ऑर्डर एक्सेप्ट कर डिलीवरी बॉय को महिला का नंबर देकर होम डिलीवरी के लिए भेजा। यदि कोई अपराधिक किस्म का व्यक्ति कंपनी में फर्जी दस्तावेज देकर भर्ती है तो वह महिला के मोबाइल नंबर पर बने वॉटसएप एप व फेसबुक अकाउंट से उनके फोटो, पर्सनल डिटेल व अन्य तरह की जानकारी लेकर मिस यूज कर सकता है। इस तरह का खतरा बना रहता है।

हम कुछ नहीं बताएंगे

 

 

ग्वालियर में जोमाटो में डिलीवरी बॉयस की भर्ती के लिए सिटी सेंटर कैलाश विहार में ऑफिस है। भर्ती कंसल्टेंसी कंपनी करती है। जब कंपनी के मैनेजर जय कुमार से बात की तो उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी देने और पुलिस वैरीफिकेशन पर बात करने से मना कर दिया।

खुद का नंबर यूज न करें

 

मोबाइल नंबर से कई अकाउंट, फेसबुक, वॉट्सएप संचालित रहते हैं। ऐसे में ऑर्डर बुक करते ही खतरा बना रहता है। ऑर्डर करने के लिए महिला खुद का नंबर यूज न करते हुए घर में अन्य किसी पुरुष सदस्य का नंबर यूज कर सकते हैं। खुद ही सावधान रहना होगा- सुधीर अग्रवाल, एसपी सायबर सेल

जरूरी है वैरीफिकेशन

-पब्लिक से सीधे जुड़ी सर्विस दे रही कंपनियों को अपने कर्मचारियों का पुलिस वैरीफिकेशन कराना चाहिए। साथ ही ऐसी सर्विस देने वालों का पुलिस वैरीफिकेशन बेहद जरूरी है।यदि ऐसा नहीं करा रहे हैं तो गलत है - नवनीत भसीन, एसपी ग्वालियर

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