Homeदेश विदेश ,
आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय वायुसेना का मिशन-13, जानिए कब क्या-क्या हुआ

पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला सबकुछ अचानक नहीं हुआ है. भारत ने इस स्थिति को टालने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान इसे कमजोरी समझता रहा. आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन और सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने सेना के साथ मिलकर वो रणनीति बनाई, जिसने पाकिस्तान के होश फाख्ता कर दिए हैं. सिलिसलेवार तरीके से जानिए सेना ने कैसे अंजाम दिया मिशन 13 को-

सेना तो इंतजार में बैठी थी कि कब हरी झंडी मिले और हम पाकिस्तान की हवा में आतंक की नमी का नमूना लेकर आएं. दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही मंगलवार तड़के एयरफोर्स हरकत में आ गई. वायुसेना ने तय किया कि हमला किस विमान से करना है. कहां से करना है टारगेट क्या होगा. तबाही कितनी मचानी है और कितनी देर मचानी है. और जब ये तय हो गया तो तड़के सुबह साढ़े तीन आगरा और बरेली से 12 मिराज 2000 विमानों ने उड़ान भरी.

ये था भारतीय वायुसेना का मिशन-13

ग्वालियर से हवा में इंधन भरने वाले एयरक्राफ्ट उड़े. एक खूबसूरत फॉर्मेशन में जांबाजी का इम्तिहान देने. पायलटों ने बादलों को पिघलाकर अपना मुंह धोया और घुस गए पाकिस्तान में. 12 मिराज के बेड़े एक साथ बालाकोट की ओर बढ़ रहे थे. कोई तीस किलमीटर तक चलने के बाद कुछ विमानों ने दिशा बदल दी. कुछ ही पलों में पाक अधिकृत कश्मीर के चकोटी, मुजफ्फराबाद और बालाकोट के आतंकी ठिकानों से आग निकल रही थी.

ये सेना का मिशन 13 था. मतलब 21 मिनट में 13 आतंकी कैंपों को बर्बाद करना है. और यही हुआ. औसतन एक कैंप को तबाह करने में केवल डेढ़ मिनट लगे. एयरफोर्स ने केल, शारदी, दुधनियाल, अठमुकाम, जूरा, लीपा, पछीबन चाम, काहुता, कोटली, लैंजोल, निकियाल, खुरेटा, मंधौर में आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया. एक अनुमान के मुताबिक, इन आतंकी शिविरों में 200 से 300 आतंकी हमले के समय मौजूद थे. मतलब सुबह की एक सैर में वायु सेना ने पाकिस्तान के सीने में इतने सुराख कर दिए हैं, जिसे भरने के लिए उसे बड़े पैमाने पर कफन का बंदोबस्त करना है.

आतंक और आतंकवाद की जली होलिका

 

पाकिस्तान ने ख्वाब में नहीं सोचा होगा कि भारत के बमवर्षक किसी रोज सरहद के 50 किलोमीटर अंदर तक घुस आएंगे, आतंक और आतंकवाद की होलिका जलाएंगे और 200 से ज्यादा लाशें गिनने के लिए छोड़ जाएंगे. खैबर पख्तूनवा के बालाकोट तक घुस गए मिराज के बेड़ों ने बर्बादी की चिट्ठी छाप दी. मिराज ने इत्मीनान से बालाकोट के ट्रेनिंग कैंप को मिट्टी में मिलाया. 50 किलोमीटर अंदर घुसकर हमारे लड़ाकू विमानों ने आतंकियों और आतंकी अड्डों का सफाया किया है. भारत की इस कार्रवाई ने जैश की कमर तोड़ दी है.

ऐसा नहीं है कि पाकिस्तानी वायुसेना को हमले की खबर नहीं मिली. बालाकोट के पास एबटाबाद में पाकिस्तान का एयरबेस मिराज को आसमान में मंडराता देख तुरंत सक्रिय हो गया. उसने फौरन अपने दो F-16 विमानों को रवाना किया, लेकिन 12 मिराज के बेड़े को देखकर उसकी हिम्मत जवाब दे गई. जबरदस्त बमबारी और आग के शोलों ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमान के पायलटों की हिम्मत तोड़ दी और वो मौके से भाग खड़े हुए।

भारतीय वायुसेना ने तोड़ा पाकिस्तान का भ्रम

अब पाकिस्तान के हुक्मरान अपनी आंखों के मैल पोंछ रहे हैं. उनके सारे भ्रम दुरुस्त हो चुके हैं. बैठकों पर बैठकों का दौर शुरु हो गया है. और उनकी समझ में आ गया है कि कैमरे के सामने अपनी दिलेरी किस्से सुनाने और जंगी जहाजों के सामने ताकत का इम्तिहान देने में कितना फर्क होता है. भारतीय वायु सेना के पराक्रम ने उसके सारे भ्रम तोड़ डाले हैं.

Share This News :