जब-जब बनी JPC, चली गई सरकार, कà¥à¤¯à¤¾ इसीलिठराफेल पर राहà¥à¤² की मांग से बच रही BJP?
यूपीठसरकार के सतà¥à¤¤à¤¾ में रहने के दौरान 22 फरवरी, 2011 को बजट सतà¥à¤° के पहले दिन की बात है. ततà¥à¤•ालीन पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मनमोहन सिंह ने हजारों करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के कथित 2 जी घोटाले की जांच के लिठà¤à¤• संयà¥à¤•à¥à¤¤ संसदीय समिति (JPC) के गठन की घोषणा की थी. अगले तीन साल, 2014 के लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ तक सतà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥‚ढ़ यूपीठसरकार को घेरने के लिठ2जी बीजेपी के लिठसबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ मसलों में से à¤à¤• साबित हà¥à¤†.
अब à¤à¥‚मिका पूरी तरह से बदल चà¥à¤•ी है. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ राफेल सौदे की जेपीसी से जांच कराने की मांग कर रही है. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राहà¥à¤² गांधी इस मसले पर आसà¥à¤¤à¥€à¤¨à¥‡à¤‚ चढ़ाकर सरकार को घेर रहे हैं. लेकिन सतà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥‚ढ़ बीजेपी तो अà¤à¥€ तक उनकी मांग को कोई तवजà¥à¤œà¥‹ देती नहीं दिख रही. असल में à¤à¤¸à¤¾ देखा गया है कि जब-जब किसी मामले की जांच के लिठजेपीसी बनी है, ततà¥à¤•ालीन सरकार सतà¥à¤¤à¤¾ से बाहर हो गई है.
JPC की मांग कà¥à¤¯à¥‹à¤‚, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को कà¥à¤¯à¤¾ होगा फायदा
सà¤à¥€ जेपीसी का यदि इतिहास देखा जाठतो यह पता चलता है कि यह वासà¥à¤¤à¤µ में विपकà¥à¤·à¥€ दल के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ राजनीतिक हथियार की तरह साबित हà¥à¤ हैं. अà¤à¥€ तक छह मौकों पर जेपीसी का गठन किया गया है- बोफोरà¥à¤¸ घोटाला (1987), हरà¥à¤·à¤¦ मेहता शेयर मारà¥à¤•ेट घोटाला (1992), केतन पारेख शेयर मारà¥à¤•ेट घोटाला (2001), सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क में कीटनाशक पाठजाने का मामला (2003), 2जी सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® आवंटन घोटाला (2011) और वीवीआईपी हेलीकॉपà¥à¤Ÿà¤° घोटाला (2013).
जब-जब JPC बनी, सतà¥à¤¤à¤¾ से बाहर हà¥à¤ˆ सरकार
पहला जेपीसी बोफोरà¥à¤¸ मामले के लिठगठित किया गया था, जब राजीव गांधी पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ थे. पिछले दो जेपीसी मनमोहन सिंह के शासन के दौरान गठित किठगठथे. à¤à¤• संयोग यह à¤à¥€ है कि जब à¤à¥€ कोई जेपीसी गठित हà¥à¤ˆ तो उस दौरान की सरकार अगले लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में सतà¥à¤¤à¤¾ से बाहर हो गई.
राफेल पर JPC गठन से कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को ये होगा पांच बड़ा फायदा
जेपीसी गठन के पांच बड़े फायदे इस पà¥à¤°à¤•ार हैं-
1. सरकार के खिलाफ माहौल बना रहेगा
किसी à¤à¥€ मामले पर जेपीसी के गठन से सतà¥à¤¤à¤¾ पकà¥à¤· के खिलाफ माहौल बना रहता है. बीजेपी जब विपकà¥à¤· में थी तो उसे 2जी पर गठित जेपीसी ने à¤à¤¸à¤¾ ही फायदा पहà¥à¤‚चाया था. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ और यूपीठके साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° दल रकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• à¤à¥‚मिका में आ गठथे. इसलिठकांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ चाहती है कि राफेल डील पर वह बीजेपी के खिलाफ इसी तरह का माहौल बनाà¤.
2. लग जाती है आधिकारिक मà¥à¤¹à¤°
जेपीसी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जांच शà¥à¤°à¥‚ करने से किसी कथित घोटाले को à¤à¤• तरह की आधिकारिक मà¥à¤¹à¤° लग जाती है. बीजेपी इस मामले में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ से à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¥€ थी कि सीà¤à¤œà¥€ ने à¤à¥€ यह रिपोरà¥à¤Ÿ दी थी कि 2जी घोटाले से देश के खजाने को 1.76 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का नà¥à¤•सान हà¥à¤† है. इसकी जांच सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ की निगरानी में सीबीआई दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई. राफेल के मामले में à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› नहीं हो पाया है. इसलिठराहà¥à¤² गांधी यह चाहते हैं कि राफेल को कम से कम जेपीसी के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आधिकारिक मंजूरी मिले.
3. बीजेपी पर लगाà¤à¤‚गे घोटाले का दाग
बोफोरà¥à¤¸, 2जी सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® और वीवीआईपी हेलीकॉपà¥à¤Ÿà¤° घोटाले की सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ जो à¤à¥€, इससे कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकारों के बारे में à¤à¤• धारणा तो बन ही गई है. इन सबमें जेपीसी जांच की अहम à¤à¥‚मिका रही है. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अब यही चाहती होगी कि जेपीसी जांच के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वह बीजेपी के दामन पर दाग लगा दे. जेपीसी की रिपोरà¥à¤Ÿ आà¤à¤—ी और इस पर विवाद होंगे. कहीं न कहीं à¤à¤• संदेश देने की कोशिश की जाà¤à¤—ी कि बीजेपी राज में घोटाला हà¥à¤† है.
4. संसद में मिलेगा हंगामे का मौका
जेपीसी की मांग पर संसद में खूब हंगामा होने के आसार हैं. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ इसकी मांग को लेकर संसद के शीतकालीन सतà¥à¤° को बाधित कर सकती है. साल 2010 में बीजेपी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 2जी घोटाले की जांच की मांग को लेकर संसद का पूरा सतà¥à¤° बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ हो गया था. बीजेपी ने खूब हंगामा किया था और सतà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥‚ढ़ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ इससे पसीना-पसीना हो गई थी. यही नहीं अगर राफेल पर जेपीसी बनी, तो इसकी रिपोरà¥à¤Ÿ आने के बाद à¤à¥€ संसद में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को खूब हंगामा करने का मौका मिल सकता है.
5. चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में फायदा
अंत में कहें तो इसके पीछे मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में फायदा उठाना होता है. 2जी पर जेपीसी रिपोरà¥à¤Ÿ के दम पर ही बीजेपी यह धारणा बनाने में सफल रही थी कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकार à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿ है. इसका 2014 के लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में काफी फायदा हà¥à¤†. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को à¤à¤¾à¤°à¥€ नà¥à¤•सान उठाना पड़ा और उसे इतिहास में सबसे खराब नतीजे मिले, 543 में से महज 44 सीटों पर संतोष करना पड़ा. कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को लगता है कि राफेल डील पर हो-हलà¥à¤²à¤¾ कर वह इसी तरह से चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में फायदा उठा सकती है.
शायद कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के फायदों और बीजेपी को होने वाले इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ नà¥à¤•सान को देखते हà¥à¤ ही वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ अरà¥à¤£ जेटली और बीजेपी अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अमित शाह ने जेपीसी जांच की मांग को सिरे से खारिज कर दिया.