Home > अपना शहर ,slider news,
सिंधिया ने कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ अटलजी को समà¥à¤®à¤¾à¤¨ दिया
अमूमन देखने में आता है कि किसी à¤à¥€ आइकन या विà¤à¥‚ति को पà¥à¤·à¥à¤ªà¤šà¤•à¥à¤° चà¥à¤•र समà¥à¤®à¤¾à¤¨ और विदाई दी जाती है। परंतॠपूरà¥à¤µ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ और गà¥à¤¨à¤¾ सांसद जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ सिंधिया ने कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ अटलजी को समà¥à¤®à¤¾à¤¨ दिया वहां मौजूद सà¤à¥€ लोग अचंà¤à¤¿à¤¤ रह गये।
सिंधिया अटलजी की पारà¥à¤¥à¤¿à¤µ देह के सामने समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के लिठपहले खà¥à¤¦ पूरे à¤à¥à¤• गये और फिर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के बल बैठकर धरती मां को चूमकर अटलजी को नम आंखों से नमन किया। यहां बता दें कि सिंधिया का अटलजी को अलग ही रिशà¥à¤¤à¤¾ था। जब सिंधिया पहली बार सांसद बने थे अपनी माताशà¥à¤°à¥€ माधवीराजे के साथ दिलà¥à¤²à¥€ में अटलजी के निवास पर पहà¥à¤‚चकर à¤à¥‡à¤‚ट की थी और काफी देर तक उनकी हंसी खà¥à¤¶à¥€ माहौल में वारà¥à¤¤à¤¾à¤²à¤¾à¤ª हà¥à¤ˆ थी। अटलजी राजमाता के जमाने से सिंधिया राजपरिवार के बेहद करीबी थी। पूरà¥à¤µ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ कै. माधवराव सिंधिया से à¤à¥€ उनके काफी मधà¥à¤° संबंध थे। वैसे à¤à¥€ अटलजी के शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में ही उनकी à¤à¤• बात काफी निराली थी मतà¤à¥‡à¤¦ हो सकते है पर मनà¤à¥‡à¤¦ नहीं। à¤à¤¸à¥‡ अटलजी को सिंधिया ने नम आंखों से विदाई देते हà¥à¤¯à¥‡ कहा कि मैंने अपने परिवार को सबसे अचà¥à¤›à¤¾ साथी खो दिया है।
गत रोज सिंधिया ने जनसà¤à¤¾ के दौरान जैसे ही अटलजी के निधन की खबर मिली तो सà¤à¤¾ रोककर दो मिनिट का मौन रख सà¤à¤¾ को निरसà¥à¤¤ कर दिलà¥à¤²à¥€ रवाना हो गये थे। सिंधिया ने अपने आगामी मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के सà¤à¥€ तीन दिन के कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® à¤à¥€ निरसà¥à¤¤ कर दिये है।