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सरपंच अपने गाँव के समग्र विकास की जिम्मेदारी लें : तोमर

ग्वालियर । विकास के मायने केवल सीसी रोड़ व भवनों का निर्माण भर ही नहीं है, अपितु समग्र विकास के लिए स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा, समग्र टीकाकरण और बेहतर शिक्षा जरूरी है। सरपंच एवं पंचायतराज संस्थाओं के अन्य प्रतिनिधिगण इसी सोच के साथ अपने-अपने गाँवों को विकसित करने के लिये आगे आएं। यह आहवान केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने जिलेभर के सरपंचों व अन्य चुने हुए प्रतिनिधियों से किया। श्री तोमर जिला स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह एवं ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
भारत सरकार द्वारा ग्वालियर जिले के ग्रामीण अंचल को खुले में शौचमुक्त बनने के उपलक्ष्य में जिले की हर ग्राम पंचायत को 25 – 25 हजार, जनपद पंचायत को 2 – 2 लाख एवं जिला पंचायत को 10 लाख रूपए का नगद पुरस्कार दिया गया है। केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए जिला स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह में एक दर्जन ग्राम पंचायतों को प्रतीक स्वरूप सम्मान राशि व प्रशस्ति-पत्र दिए गए। साथ ही जिले की चारों जनपद पंचायतों व जिला पंचायत को भी मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया। जिले की सभी ग्राम पंचायतों के खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) बनने के बाद अब द्वितीय चरण में ओडीएफ प्लस कार्यक्रम के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का काम पंचायतों में होगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में 12 ग्राम पंचायतों में यह काम शुरू हो रहा है। बाद में इसे हर ग्राम पंचायत में लागू किया जायेगा।
केन्द्रीय मंत्री तोमर ने सरपंचों से कहा कि ग्राम पंचायत डवलपमेंट प्रोग्राम के तहत गाँव के सुनियोजित विकास में धनराशि खर्च करें। उन्होंने कहा मूलभूत योजना के तहत पंचायतों को मिलने वाली 60 हजार करोड़ की राशि बढ़ाकर भारत सरकार ने 2 लाख 292 करोड़ रूपए कर दी है। श्री तोमर ने सरपंचों से कहा कि गांव की पाँच बड़ी मूलभूत आवश्यकताओं को चुनकर हर साल एक-एक आवश्यकता पूरी कर गाँव को विकसित बनाएं। विधायक भारत सिंह कुशवाह ने कहा केन्द्र एवं राज्य सरकार अच्छे मन व सकारात्मक सोच के साथ गाँवों के विकास के लिये आर्थिक मदद दे रही है। अब सरपंच व पंचों की जिम्मेदारी है कि इस राशि का सदुपयोग कर अपने-अपने गाँव का विकास करें।
जिला पंचायत के उपाध्यक्ष शांतिशरण गौतम ने कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों के ओडीएफ होने के बाद अब द्वितीय चरण में पंचायतों में जैविक खाद उत्पादन व खेती को लाभ का धंधा बनाने के क्षेत्र में काम होंगे। आरंभ में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा ने कहा कि ग्वालियर जिला सभी के प्रयासों से खुले में शौचमुक्त हुआ है। जिले के ग्रामीण अंचल में अभियान बतौर 98 हजार 692 शौचालय गनवाए गए। साथ ही प्रेरकों ने शौचालयों के उपयोग के लिये जागरूकता कार्यक्रम चलाया। इस अवसर पर देवेश शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण्‍ मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन एस बी ओझा ने किया।

पंचायतों के बीच होगी स्वच्छता प्रतिस्पर्धा, मिलेंगे नकद पुरस्कार
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों के बीच स्वच्छता प्रतिस्पर्धा आयोजित करने के निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता प्रतिस्पर्धा में पहले स्थान पर आने वाली पंचायत को सांसद निधि से 10 लाख रूपए का नगद पुरस्कार दिया जायेगा। इसी तरह द्वितीय स्थान पर आने वाली पंचायत को 5 लाख व तृतीय पुरस्कार के रूप में 3 लाख रूपए सांसद निधि से दिए जायेंगे। उन्होंने वृक्षारोपण के क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा आयोजित कर प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार देने को कहा। श्री तोमर ने कहा इससे गाँवों में विकास के लिये नई व सकारात्मक सोच विकसित होगी।

इन पंचायतों का मंच से हुआ सम्मान
जनपद पंचायत मुरार की ग्राम पंचायत मुगलपुरा, बंधोली, सोनी व वीरमपुरा। विकासखण्ड घाटीगाँव में पनिहार, बरई व बागवाला गाँव, डबरा में जौरासी, मकोड़ा व टेकनपुर तथा जनपद पंचायत भितरवार के अंतर्गत पुरा बनवार व बनवार को मुख्य अतिथि ने मंच से सम्मानित किया। इनके अलावा चिरूली व चीनौर ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव व ग्राम रोजगार सहायक भी सम्मानित किए गए।

विशेषों ने बताईं अपशिष्ट प्रबंधन की बारीकियां
ओडीएफ प्लस कार्यशाला में भोपाल से आए विषय विशेषज्ञों ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की बारीकियां बताईं। कार्यशाला में बताया गया कि प्रदेश की दो ग्रामपंचायतें गोवर्धन योजना के लिये चयनित की गई हैं। जिसमें ग्वालियर जिले की चिरोली पंचायत शामिल है। दूसरी पंचायत नरसिंहपुर जिले की है।

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