35 घंटे बोरवेल में रहे रोशन की तबीयत ठीक, असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² से आज होगा डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ
इंदौर। देवास जिले के उमरिया में 35 घंटे बाद बोरवेल से निकले रोशन को गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ कर दिया जाà¤à¤—ा। बोरवेल से निकले के बाद उसे आदà¥à¤¯à¤¾ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करवाया गया था। उससे मिलने आने वालों ने इतना पà¥à¤¯à¤¾à¤° लà¥à¤Ÿà¤¾à¤¯à¤¾ कि मना करने के बाद à¤à¥€ लोग उसे चॉकलेट टॉफी, मिठाई, समोसा, कचोरी, फल खिलाते रहे। इससे उसे रात को दसà¥à¤¤ नहीं लगने के कारण पेट में तकलीफ होने लगी थी। चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में इसे इलियस कहा जाता है, जिसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ ने उसे कà¥à¤› टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट à¤à¥€ दिया।
- रोशन अà¤à¥€ आदà¥à¤¯à¤¾ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में डॉ. धरà¥à¤®à¤ªà¤¾à¤² वैदà¥à¤¯ और डॉ शà¥à¤à¤¾à¤‚कर की निगरानी में है। मंगलवार सà¥à¤¬à¤¹ से ही डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ ने रोशन से मिलने आने वालों से कà¥à¤› à¤à¥€ खिलाने को साफ मना कर दिया और रोशन के माता-पिता को उसे डाइट चारà¥à¤Ÿ के हिसाब से ही खाना खिलाने की सलाह दी। बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को à¤à¥€ रोशन डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की निगरानी में रहा। डॉ. धरà¥à¤®à¤ªà¤¾à¤² वैदà¥à¤¯ ने बताया अब रोशन पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ दिख रहा है और संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को उसे छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ दे दी जाà¤à¤—ी।
- गौरतलब है कि उमरिया गांव में शनिवार को माता-पिता और दो à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ खेत पर गया था। यहां खेलते हà¥à¤ रोशन खà¥à¤²à¥‡ बोर में गिर गया था। 40 फीट गहरे बोरवेल में वह 33 फीट पर फंसा हà¥à¤† था। रोशन को बचाने के लिठपà¥à¤²à¤¿à¤¸ और सेना जवान सहित लोगों ने 35 घंटे तक रेसà¥à¤•à¥à¤¯à¥‚ ऑपरेशन चलाया था। रोशन को निकालने के लिठबोर के समानांतर à¤à¤• गडà¥à¤¢à¤¾ खोदा गया था, बाद में उसे रसà¥à¤¸à¥€ डालकर बाहर निकाला गया था।
à¤à¤¸à¥‡ चला रेसà¥à¤•à¥à¤¯à¥‚ ऑपरेशन
- 10 मारà¥à¤š की सà¥à¤¬à¤¹ 11.30 बजे - बोरवेल में गिरा था चार साल का मासूम बालक रोशन।
- दोपहर 12 : बचà¥à¤šà¥‡ के बोरवेल में गिरने की जानकारी लगते ही बचाव कारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥‚।
- दोपहर 1 बजे : आसपास के गांवों से बड़ी तादाद में लोग जà¥à¤Ÿ गठऔर बचाव कारà¥à¤¯ में सहायता करने की कोशिश करते रहे। महू से सेना को बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ का फैसला लिया।
- दोपहर 3 बजे : दो पोकलेन मशीन बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•र खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ की गई लेकिन पतà¥à¤¥à¤° आने से खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ की गति धीमी हो गई।
- शाम 5.30 बजे : कलेकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤µà¤¯à¤‚ मौके पर पहà¥à¤‚चे।
-शाम 6 बजे : à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤² से सेना के इंजीनियरों का दल पहà¥à¤‚चा।
- रात 9 बजे : बचà¥à¤šà¥‡ को 200 à¤à¤®à¤à¤² दूध दिया जा चà¥à¤•ा था।
- रात 10.45 बजे : पà¥à¤¨: बचà¥à¤šà¥‡ को गà¥à¤²à¥‚कोज नली के जरिठदिया गया।
- रात 11.30 बजे : कलेकà¥à¤Ÿà¤° ने कहा कि हमें अंदर और हारà¥à¤¡à¤—िटà¥à¤Ÿà¥€ मिल रही है। इससे 1-1 फीट खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ में 30 मिनट तक लग रहे हैं। चार से 5 घंटे और लग सकते हैं पर कसर नहीं छोड़ेंगे।
- रात 12 बजे : बचà¥à¤šà¥‡ का मूवमेंट जारी था। वह बातचीत à¤à¥€ कर रहा है।
- रात 2.30 बजे : बचà¥à¤šà¥‡ ने गà¥à¤²à¥‚कोज पिया।
11 मारà¥à¤š
सà¥à¤¬à¤¹ 5 बजे : बालक को पà¥à¤¨à¤ƒ दूध दिया गया।
- दोपहर 1 बजे : 25 घंटे बाद मां रेखा को पहली बार मौके पर लाया गया व बेटे से बात कराई गई और बचà¥à¤šà¥‡ का हौसला बà¥à¤¾à¤¯à¤¾ गया।
- दोपहर 2 बजे : अचानक बादल छाठतो सब घबराने लगे पर कà¥à¤› देर में बादल छंट गà¤à¥¤
- शाम 5 बजे : सेना ने 8 फीट लमà¥à¤¬à¥€ सà¥à¤°à¤‚ग की खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ 40 फीट गहरे गडà¥à¤¢à¥‡ में उतरकर की।
- शाम 7 बजे : मलबा निकालने के लिठसेना बाहर आई, जेसीबी से काम शà¥à¤°à¥‚ किया।
- रात 10.30 बजे : आखिरकार बालक रोशन को रसà¥à¤¸à¥€ की सहायता से बाहर निकाला गया।
मां ने बताया à¤à¤¸à¥‡ हà¥à¤† था हादसा...
बोरवेल में फंसे चार साल के मासूम बचà¥à¤šà¥‡ रोशन पिता à¤à¥€à¤® सिंह देवड़ा निवासी कानजीपà¥à¤°à¤¾ की मां रेखा बाई ने बताया कि शनिवार 10 मारà¥à¤š 2018 को वह खेेेत में गेहूं कटाई का काम कर रही थी। पास ही के खेत में रोशन के पापा à¤à¥€ गेहूं कटाई का काम कर रहे थे। रोशन के साथ उसका बड़ा à¤à¤¾à¤ˆ नैतिक (6 साल) और दो साल का छोटा à¤à¤¾à¤ˆ चेतन पास ही में खेल रहे थे। रेखा बाई ने बताया कि खेलने के दौरान रोशन मेरे पास आया था, मà¥à¤à¥‡ लगा कि पास में ही खड़ा है पलटकर देखा तो नैतिक और चेतन बोरिंग के पास थे, लेकिन रोशन कहीं दिखाई नहीं दे रहा था। बोरिंग के पास जाकर देखा तो उसमें से रोशन की रोने की आवाज आ रही थी।