जरूरी नहीं चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ बजट, खà¥à¤¦ ब खà¥à¤¦ खतà¥à¤® हो जाà¤à¤‚गी मोदी सरकार की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ अरà¥à¤£ जेटली अपना पांचवा और मोदी सरकार का आखिरी पूरà¥à¤£ बजट पेश कर रहे हैं. इस बजट पर सबसे बड़ा सवाल है कि कà¥à¤¯à¤¾ केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को जारी रखने का काम करेगी या फिर 2019 में होने वाले आम चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ की मजबूरी के चलते सरकारी खजाने का रà¥à¤– लोक लà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨ घोषणाओं की तरफ मोड़ देगी.
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आंकड़ों से मिल रहे संकेतों को देखें तो कहा जा सकता है कि यह बजट इसलिठà¤à¥€ खास रहेगा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आने वाले दिनों के केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार के सामने खड़ी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खà¥à¤¦ ब खà¥à¤¦ आसान हो जाà¤à¤‚गी.
मोदी सरकार के सामने सबसे बड़ी राहत यह है कि आने वाला साल विकास दर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• अचà¥à¤›à¤¾ रहने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है. आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सरà¥à¤µà¥‡ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• इस साल जहां विकास दर 6 से 6.5 फीसदी के बीच रहेगा वहीं अगले साल यह 7 से 7.5 फीसदी तक रह सकता है.
वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लौट रही मजबूती अचà¥à¤›à¥‡ विकास दर की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ को और बेहतर करते हà¥à¤ केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार को राहत दे रही है. आने वाले दिनों में देश में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• गतिविधिया तेज होंगी और नई नौकरियां à¤à¥€ पैदा होंगी. देश में रोजगार बढ़ने से केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार की सबसे बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ का हल निकल सकेगा और आम चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में सरकार के लिठजीत की राह आसान हो जाà¤à¤—ी.
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• मामलों के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° जानकारों का मानना है कि अगले 6 से 12 महीनों के दौरान जीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ में जारी सà¤à¥€ दिकà¥à¤•तें दूर हो जाà¤à¤‚गी. यह à¤à¤• और बड़ी वजह है जिससे केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार को राहत मिलेगी. मौजूदा समय में जिस तरह जीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ से सरकार की कमाई पर असर पड़ा है वहीं जीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ हो जाने के बाद उसके राजसà¥à¤µ में बड़ा इजाफा हो सकेगा.
इसके अलावा कारोबारी संगठनो का दावा है कि केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार का बीमार बैंकों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ के लिठउठाया जा रहा कदम à¤à¥€ à¤à¤• साल के अंदर अपना असर दिखाने लगेगा और चà¥à¤¨à¤¾à¤µ से पहले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सरकारी बैंक न सिरà¥à¤« अपनी बैलेंसशीट को सही कर लेंगे बलà¥à¤•ि देश में नठकारोबारी करà¥à¤œ देकर अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को तेज रफà¥à¤¤à¤¾à¤° देने में अहम à¤à¥‚मिका अदा करेंगे.
इन सबके बीच केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार के सामने à¤à¤• बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ बचती है कि किसानों की समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठवह कà¥à¤¯à¤¾ कदम उठाती है. à¤à¤• तरफ जहां किसान करà¥à¤œà¤®à¤¾à¤«à¥€ की मांग पूरे देश में उठरही है. वहीं आने वाले दिनों में कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤Ÿ चेंज के असर और कमजोर मानसून से किसानों की आमदनी कम होने का नया खतरा खड़ा है. हालांकि केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार ने 2022 तक देश में किसानों की आमदनी को दोगà¥à¤¨à¤¾ करने का वादा किया है.
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मौजूदा बजट सरकार सरकार के लिठबेहद अहम है. कà¥à¤› जानकारों का दावा है कि चà¥à¤¨à¤¾à¤µ को देखते हà¥à¤ और मजबूत होती अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सहारे केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार कोई बड़ी कलà¥à¤¯à¤¾à¤£à¤•ारी योजना का à¤à¤²à¤¾à¤¨ कर दे जिसके आधार पर 2019 का चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ सफर उसके लिठआसान हो सके.
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मैनà¥à¤¯à¥‚फैकà¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग सेकà¥à¤Ÿà¤° में इंपोरà¥à¤Ÿ और à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ में मौजूदा वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान सà¥à¤§à¤¾à¤° देखने को मिला है. वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· की तीसरी तिमाही के दौरान à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ 13.6 फीसदी पर रहा जबकि इंपोरà¥à¤Ÿ सà¥à¤¸à¥à¤¤ होकर 13.1 फीसदी रहा. यह आंकड़ें गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² टà¥à¤°à¥‡à¤‚ड पर हैं और साफ संकेत दे रहे हैं कि नोटबंदी और जीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ का का असर कम हो रहा है.
गौरतलब है कि à¤à¤«à¤¡à¥€à¤†à¤ˆ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¥€ केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार के लिठबड़ी राहत की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है. वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· 2014-15 में सरकार को 45 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश मिला था. वहीं 2013-14 में यह महज 36 बिलियन डॉलर था. फिर 2015-16 में सरकार को कà¥à¤² 55.46 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश मिला. वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· 2016-17 à¤à¤«à¤¡à¥€à¤†à¤ˆ के मामले में बेहद खास रहा और कà¥à¤² à¤à¤«à¤¡à¥€à¤†à¤ˆ 60 बिलियन डॉलर से पार निकल गया.
इस साल केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार ने कई कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¤«à¤¡à¥€à¤†à¤ˆ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ अहम फेरबदल किठहैं जिसके बाद उमà¥à¤®à¥€à¤¦ की जा रही है कि अगला वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· à¤à¤«à¤¡à¥€à¤†à¤ˆ के नाम हो सकता है. बड़ा à¤à¤«à¤¡à¥€à¤†à¤ˆ आने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में जहां केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार को राजसà¥à¤µ में राहत मिलेगी वहीं देश में कारोबार की रफà¥à¤¤à¤¾à¤° à¤à¥€ तेज होगी.