गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°-इटावा रेल लाईनों के विदà¥à¤¯à¥à¤¤à¥€à¤•रण के लिये 361 करोड़ सà¥à¤µà¥€à¤•ृत
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¥¤ à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡ सांसद डॉ. à¤à¤¾à¤—ीरथ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ के निरंतर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ से गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°-इटावा, उदी-आगरा à¤à¤µà¤‚ इटावा फरूखाबाद वाया मैनपà¥à¤°à¥€ समगà¥à¤° रेल लाईन को नई à¤à¤µà¤‚ दà¥à¤°à¥à¤¤à¤—ति से रेलगाड़ियों के संचालन के लिये सकà¥à¤·à¤® बनाने हेतॠरेल मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने 361 करोड़ रूपठलागत से विदà¥à¤¯à¥à¤¤à¥€à¤•रण की योजना सà¥à¤µà¥€à¤•ृत की है। कारà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ शीघà¥à¤° जारी किठजा रहे हैं। इसमें गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (बिरलानगर) – इटावा वाया à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡ रेल लाईन पर 118 करोड़ रूपठखरà¥à¤š होंगे। चंबल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रेल अधोसंरचना विकास की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से यह à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿ है।
उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय है कि गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°-इटावा रेल लाईन का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कारà¥à¤¯ वरà¥à¤· 1985 में गà¥à¤¨à¤¾ से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठकिया गया था। वरà¥à¤· 2000 में बड़ी रेल लाईन का कारà¥à¤¯ à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡ तक पहà¥à¤à¤š चà¥à¤•ा था। à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡ से इटावा (35 किलोमीटर) का मारà¥à¤— उपेकà¥à¤·à¤¾ के कारण अधूरा ही रहा। वरà¥à¤· 2014 में à¤à¥€ इस रेल लाईन की परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ से अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ à¤à¥€ नहीं थी। चंबल के पà¥à¤² का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¥€ तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤ªà¥‚रà¥à¤£ था। à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡ सांसद डॉ. à¤à¤¾à¤—ीरथ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ लेकर लगà¤à¤— 5 करोड़ की लागत से पà¥à¤² का सà¥à¤§à¤¾à¤° किया गया। 27 फरवरी 2016 को à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡-इटावा रेल लाईन के संचालन का शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚ठकराया। इसी मारà¥à¤— पर à¤à¤¾à¤à¤¸à¥€-इटावा लिंक à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ का 2017 में संचालन शà¥à¤°à¥‚ किया गया।
600 करोड़ की लागत से निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ गà¥à¤¨à¤¾-इटावा रेल लाईन का अà¤à¥€ à¤à¥€ बड़ी रेलगाड़ियों के संचालन के रूप में उपयोग न होने का मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤à¤¸à¥€ में सांसदों की बैठक में à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡ सांसद ने उठाया। रेल अधिकारियों ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया कि रेल लाईन का विदà¥à¤¯à¥à¤¤à¥€à¤•रण न होना à¤à¥€ इस मारà¥à¤— पर गाड़ियों के संचालन में बाधा है। अत: विदà¥à¤¯à¥à¤¤à¥€à¤•रण की इस नई महती योजना से बड़ी रेलगाड़ियों का संचालन सà¥à¤—म होगा। à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रेलगाड़ियों का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ केनà¥à¤¦à¥à¤° शीघà¥à¤° ही बन जायेगा। चंबल का यह उपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° आवागमन, वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° à¤à¤µà¤‚ शिकà¥à¤·à¤¾ तथा सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवाà¤à¤ विकसित करने के लिये देश के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रेलमारà¥à¤—ों से जà¥à¤¡ जायेगा।