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खेल गतिविधियां सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर के लिठजरूरी: सिकरवार
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¥¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ के वरिषà¥à¤ नेता, जन उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नà¥à¤¯à¤¾à¤¸ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और पारà¥à¤·à¤¦ डाॅ. सतीश सिंह सिकरवार ने कहा हैं कि खेल गतिविधियां हम सà¤à¥€ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ शरीर के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। खेल गतिविधियों से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता हैं। खेल इंसान को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करना सीखाते हैं। इंसान अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ करना खेलों से सीखता हैं, जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बेहतरीन खिलाड़ी होगा उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ पर अटल रहता है और वह अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ को पाकर ही मानता है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के खेलो की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हमारे बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•ार के सकारातà¥à¤®à¤• अवसर लाती हैं।
डाॅ. सिकरवार ने कहा कि खेल गतिविधियों में à¤à¤¾à¤— लेने वाला बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤•ूली उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जीवन में खेल बड़ी उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने का रासà¥à¤¤à¤¾ हैं। किसी à¤à¥€ खेल में रूचि पूरे विषà¥à¤µà¤à¤° में पहचान और जीवन à¤à¤° की उपलबà¥à¤§à¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकती है। डाॅ. सिकरवार ने वारà¥à¤¡ कà¥à¤°à¤®à¤¾à¤‚क 56 में आयोजित जनचौपाल कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में बोल रहे थे। इस मौके पर छाऊलाल साहू, अवधेश कौरव, चाचा खान साहब, नूरी मासà¥à¤Ÿà¤°, छोटे खान, कà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨ खान, रामदास चैरसिया, à¤à¤—वानदास, जगनà¥à¤¨à¤¾à¤¥, अजीत, रहमान खान, à¤à¤µà¤‚ अजगर खान आदि मंचासीन रहे। गली नं. 1 में डाॅ. सिकरवार ने जनचौपाल कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में कहा कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को षिकà¥à¤·à¤¾ के साथ-साथ खेल पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, खेल में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने वालें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मानसिक à¤à¤µà¤‚ षारीरिक रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहते है। डाॅ. सिकरवार ने कहा कि विकास कारà¥à¤¯ निरंतर चलने वाली पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, और इस वारà¥à¤¡ में अनेक विकास कारà¥à¤¯ हà¥à¤¯à¥‡ है और होते रहेंगे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ इस मौके पर मौजूद लोगों को सफाई रखने, जà¥à¤† और शराब छोड़ने का à¤à¥€ संकलà¥à¤ª दिलाया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि नागरिकों ने जो à¤à¥€ सड़क, पानी और बिजली आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ बरà¥à¤¤à¤¾à¤‡à¤‚ है, उनका निराकरण ततà¥à¤ªà¤°à¤¤à¤¾ से कराया जाà¤à¤—ा। à¤à¤¾à¤·à¤£ के दौरान कई लोगों ने डाॅ. सिकरवार का पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¹à¤¾à¤° पहनाकर सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया, सà¥à¤µà¤¾à¤—तकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं में पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª परिहार, महेश कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹, राजू साहू, वीरू, जयनà¥à¤¦à¤° आदि मौजूद रहे।
इस मौके पर उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¤‚े आम नागरिकों के साथ तमाम गलियों में à¤à¥à¤°à¤®à¤£ कर समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ देखीं। à¤à¥à¤°à¤®à¤£ के दौरान विजय बहादà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤—ी, सà¥à¤°à¥‡à¤¶ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤ªà¤¤à¤¿, डबà¥à¤¬à¥‚ खान, राकेश शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸, संजय जाटव, मोहर सिंह, पूरन सिंह, शकील खान, अजीज खान, पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¾à¤°à¤¾à¤¯à¤£, मनीराम, कोमल कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹, सलीम, बृजेश, छविराम, कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ सिंह, फारूख, जालिम खान, मौसम खान, à¤à¥‚पेनà¥à¤¦à¥à¤° वंशकार, असफाक, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ ममता वंशकार, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ रामकली वंशकार, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ नाजिया, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ परवीन, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ हाजरा, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ कमला, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ मीरा, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ सावितà¥à¤°à¥€, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ कà¥à¤¸à¥à¤®, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ बबीता, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ विसà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¾, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ पूनम, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ शीला देवी, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ गंगा, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ जरीना, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ रेशमा, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ राजाबेटी, शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ सरोज, आशीष साहू, के.के. शरà¥à¤®à¤¾, महेश कà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤¹, सà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤° साहू, नरेनà¥à¤¦à¥à¤° राजावतà¥, गंगाराम पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤ªà¤¤à¤¿, बृजेश पाठक, दिलीप अवसà¥à¤¥à¥€ आदि उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहें।