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समरसता लाने नशा मुक्त समाज का निर्माण करना होगा : कलेक्टर

ग्वालियर| प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के चिकित्सा प्रभाग के द्वारा एकात्म यात्रा के उपलक्ष्य में “सशक्त ग्वालियर - व्यसन मुक्त ग्वालियर - स्वच्छ ग्वालियर” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसका उददेश्य पूरे ग्वालियर जिले के अनेकानेक स्थानों पर जाकर लोगो को व्यसन मुक्ति एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है|कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्वालियर कलेक्टर राहुल जैन, विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर एम. एल. दौलतानी एवं संस्थान की ओर से तानसेन नगर सेंटर प्रभारी बी.के. सुधा, लश्कर सेंटर प्रभारी बी.के. आदर्श उपस्थित थीं|
सर्व प्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित करके किया गया| तत्पश्चात बी.के. आदर्श बहन ने सभी का स्वागत कर स्वच्छ्ता एवं व्यसन मुक्ति के बारे में बताते हुए कहा कि स्वच्छता कहने से नहीं आएगी असली स्वच्छता तब आएगी जब हमारे मन के विचार स्वच्छ होंगे जब तक हम स्वयं को परिवर्तित नहीं करेंगे तब तक स्वच्छता नहीं आएगी |हमें यह संकल्प लेना है की चाहे घर का वातावरण हो या बाहर का उसको स्वच्छ बनाये रखना हमारी जिम्मेबारी है यह स्वच्छता अपने विचारों में द्रढ़ता लाने से संभव है चाहे आप स्वयं व्यसन मुक्त हो लेकिन दूसरे लोगों को प्रेरणा दें की वह भी व्यसन मुक्त बने और सबका यह संकल्प हो मेरा ग्वालियर मेरा भारत स्वच्छ एवं व्यसन मुक्त हो जहाँ स्वच्छता के साथ साथ किसी भी प्रकार का कलह कलेश न हो और यह कलह कलेश तब रुकेगा तब लोग व्यसन मुक्त हो जब तक लक्ष्य नहीं होगा लक्षण आ नहीं सकते प्रत्येक को यह लक्ष्य रखना है की हर दिन मुझे किसी न किसी एक व्यक्ति को व्यसन मुक्त बनाना है और साथ ही साथ स्वच्छता की प्रति जागरूक करना है और प्रत्येक व्यक्ति को उसके दिव्य गुणों से अवगत कराना है आज आवश्यकता है इस नए वर्ष में नए लक्ष्य के साथ स्वयं को सशक्त बनाकर सभी के सहयोग से ग्वालियर को अग्रणी शहर बनायें |
इसी के साथ ही ग्वालियर कलेक्टर राहुल जैन ने सभी को संबोधित करते हुए एकात्म यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट किया और बताया कि यह एकात्म यात्रा बहुत ही सुन्दर लक्ष्य के साथ उज्जैन से आरंभ की गयी है जो कि 10 जनवरी को ग्वालियर पहुँचेगी I इस यात्रा का मूल उद्देश्य समाज में समरसता लाना है अर्थात् सभी को जोड़ना है इसके लिए क्या –क्या चीजें हैं जिन पर काम किया जा सकता है जो भी विषय समाज में समरसता लाने में जरुरी हैं उन्हीं के अंतर्गत हमने नशा मुक्ति विषय लिया है यदि हमें समाज में समरसता लाना है तो नशा मुक्त समाज व्यसनमुक्त समाज का निर्माण करना होगा I यह एकात्म यात्रा 10 जनवरी ग्वालियर पहुंचे उसके पहले शहर के हर गली, मोहल्ले तथा प्रत्येक घर में यह सन्देश जाये कि नशा मुक्ति क्यों जरुरी है प्रत्येक व्यक्ति अपने से सम्बंधित नशा के आदी लोगों को समझाकर इससे मुक्त कराएँ और इस अभियान में अपना योगदान दें और इस यात्रा में सैकड़ों- हजारों लोगों को नशामुक्त करके लायें यही इस एकात्म यात्रा की सफलता होगी इसे हम सभी मिलकर सफल बनायें और सशक्त स्वस्थ व स्वच्छ समाज का निर्माण करेंI और आज से ही यह संकल्प लें कि हम अपने घर ऑफिस दुकान का कचरा बाहर नहीं फेकेंगे और अपने गली मोहल्ले शहर को स्वच्छ रखने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे और ग्वालियर को नंबरवन सिटी के रूप में पहचान दिलायेंगें I मैं आप सभी से आशा रखता हूँ कि आप ग्वालियर को नशा मुक्ति में नंबरवन और स्वच्छता में नंबरवन बनाने का पूर्ण प्रयास करेंगे I
कार्यक्रम में पधारे स्वच्छता अभियान के ब्रांड एम्बेसडर एम. एल. दौलतानी ने कहा कि ग्वालियर में हम विगत तीन वर्षों से स्वच्छता अभियान चला रहे हैं वास्तव में स्वच्छता दिल से जुड़ने वाली बात है जो भी स्वच्छता कर्मचारी सुबह सुबह आपके घर आता है उससे नफरत न करें क्योंकि वह स्वच्छता दूत है उसको सहयोग कीजिये I जिस प्रकार हम अपने घर को स्वच्छ रखते हैं तथा घर के परिसर को स्वच्छ बनाये रखने में अपना योगदान देते हैं ठीक उसी प्रकार हम 14 लाख ग्वालियर निवासियों का कर्तव्य है कि अपने गली मोहल्ले और शहर को स्वच्छ बनाये रखने में अपना योगदान दें कचरा कूड़ेदान में ही रखें, डोर टू डोर कर्मचारियों को अपना सहयोग दें यह सिटी हमारी है यह गलियां हमारी यह देश हमारा है हम भारत को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए अपने आप से परिवर्तन करना होगा प्रत्येक भारतवासी यह प्रण ले कि में एक स्वच्छता एम्बेसडर के रूप में कार्य करूंगा |
अंत में बी.के. सुधा बहनजी ने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए सर्व प्रथम शक्ति चाहिए आज संसार में मनुष्य के पास शक्ति का बहुत अभाव है सर्व शक्तिमान परमात्मा से कनेक्शन टूटने के कारण शक्तियां कमजोर पड़ गई है और शक्तियां कमजोर होने से जो बुराईयों का प्रभाव है वह इंसान पर हावी हो गया है और जब बुराईयों का प्रभाव हावी होता है तब बुराईयाँ व्यवहार में आ जाती है जो बुरे कर्म करवाती है जिसका परिणाम दुःख अशांति बुरी घटनायों के रूप में हमारे समाने प्रकट होता है बहुत सारे व्यसनों के कारण चाहे वह तम्बाकू है शराब है गुटखा है यह मोटे व्यसन है जबकि घ्रणा द्वेश ईर्ष्या, क्रोध ये व्यक्ति के आन्तरिक व्यसन है जिनके बाद ही ये मोटे व्यसन सामने आते है इन सारे व्यसनों ने ही समाज को खोखला बना दिया है लेकिन जैसा की हम जानते है कि कोई भी अच्छी चीज बुरी बन सकती है तो फिर से वह अच्छी भी बन सकती है यह कहते हुए उन्होंने सभी का आभार प्रकट किया और सभी को बताया कि ब्रह्माकुमारीज के द्वारा एक व्यसन मुक्ति रथ तैयार किया गया है जो जगह जगह जाकर लोगो को व्यसन मुक्ति का और स्वच्छता का सन्देश देगा मंच संचालन बी.के. ज्योति बहन ने किया |

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