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ध्रुपद प्रस्तुति के लिये स्थानीय संगीत महाविद्यालय भी चयनित

ध्रुपद प्रस्तुति के लिये स्थानीय संगीत महाविद्यालय भी चयनित
ग्वालियर । इस साल के तानसेन समारोह की चार संगीत सभाओं में स्थानीय कलाकारों की एक-एक प्रस्तुति होगी। स्थानीय चयन समिति द्वारा कलाकारों का चयन कर लिया गया है। साथ ही स्थानीय महाविद्यालयों की ध्रुपद प्रस्तुति के लिये भी सभावार महाविद्यालयों के नाम निर्धारित हो गए हैं।
मालूम हो भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश का सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन समारोह” संगीत की नगरी ग्वालियर में इस साल 22 से 26 दिसम्बर तक आयोजित होगा। यह समारोह भारतीय संगीत की अनादि परंपरा के श्रेष्ठ कला मनीषी संगीत सम्राट तानसेन को श्रद्धांजलि व स्वरांजलि देने के लिये पिछले 93 साल से आयोजित हो रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया की पहल पर तानसेन संगीत समारोह में नए आयाम जोड़े गए हैं। तानसेन समारोह की पूर्व संध्या यानि 21 दिसम्बर को सायंकाल हजीरा चौराहे पर उप शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम पूर्वरंग “गमक” होगा। गमक में सुप्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा की प्रस्तुति होगी। इस बार के समारोह में कुल 9 संगीत सभायें होंगी।

इन कलाकारों का हुआ चयन
स्थानीय चयन समिति ने अनुज प्रताप सिंह ध्रुपद गायक का चयन किया है, वे तानसेन समाधि परिसर में आयोजित होने वाली मुख्य सभा में अपनी प्रस्तुति देंगे। इसी तरह अंकुर धारकर वायोलिन वादक का चयन भी मुख्य सभा में प्रस्तुति के लिये हुआ है। ऋषि जैन-शरद जैन की ख्याल गायकी की जुगलबंदी बेहट की सभा में होगी। विनय शुक्ला-विजय सेठ की तबले पर जुगलबंदी बेहट की सभा में होगी।

इन महाविद्यालयों की होगी ध्रुपद प्रस्तुति
तानसेन समारोह की पहली संगीत सभा 22 दिसम्बर को सायंकाल शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से शुरू होगी। समारोह में 23 दिसम्बर की प्रात:कालीन सभा भारतीय संगीत महाविद्यालय व सायंकालीन सभा की शुरूआत शंकरगंधर्व संगीत महाविद्यालय के ध्रुपद गायन के साथ होगी।
इसी तरह 24 दिसम्बर को प्रात:कालीन सभा में महारूद्र मण्डल संगीत महाविद्यालय व सायंकालीन सभा में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय का ध्रुपद गायन होगा। तानसेन समारोह में 25 दिसम्बर की प्रात:कालीन सभा में ध्रुपद केन्द्र ग्वालियर व सायंकालीन सभा में तानसेन संगीत महाविद्यालय ग्वालियर का ध्रुपद गायन सुनने को मिलेगा। इसी प्रकार 26 दिसम्बर को बेहट में प्रात:कालीन सभा में साधना संगीत महाविद्यालय व तानसेन संगीत स्मारक केन्द्र बेहट की प्रस्तुति होगी। समारोह की अंतिम सभा गूजरी महल में सजेगी। इस सभा की शुरूआत शारदानाथ मंदिर संगीत महाविद्यालय ग्वालियर व ध्रुपद केन्द्र भोपाल की प्रस्तुतियाँ होंगीं।

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