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पीड़ित को मदद समय पर मिले तो आनंद दोगुना होता है: रूपला

ग्वालियर। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और ग्वालियर संभाग के आयुक्त एस.एन. रूपला ने कहा है कि सरकारी व्यवस्था को लोकतांत्रिक ढंग से चलना चाहिए अगर इसे ब्यूरोक्रेसी के सिस्टम से चलाया जाएगा तो संवेदनशीलता की गुजांइश कम होती है इसलिए एक अफसर को सकारात्मक सोच के साथ पहले दूसरों की सुनना चाहिए फिर मदद करनी चाहिए। इतना ही नहीं मदद अगर समय पर मिले तो आनंद दोगुना होता है।
श्री रूपला 30 नवंबर को भारतीय प्रशासनिक सेवा से निवृत्त हो रहे है। वे ग्वालियर संभाग में पिछले 21 माह से आयुक्त के पद पर पदस्थ है और आज पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि मैं लोगों से जीवंत संपर्क में रहा इसलिए आम लोगों की मदद कर पाया अगर एक प्रशासनिक अफसर नियम और कानून के दायरे से निकलकर लोगों से मिलेगा तो इस प्रजातांत्रिक व्यवस्था में समस्याओं का समाधान आसानी से होगा। वरिष्ठ आईएएस श्री रूपला श्योपुर, रीवा, जबलपुर सहित अन्य जिलों में कलेक्टर रहे और अब सेवा निवृत्ति से पहले उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का हक है क्योंकि अगर वो अपनी समस्या नहीं रखेगा तो पता कैसे लगेगा, लेकिन इस सरकारी सिस्टम में जिले में कलेक्टर एसपी का अपना स्थान है और संभागायुक्त तथा आईजी के पद पर बैठे अधिकारियों को इनके कार्य में दखल नहीं देना चाहिए अगर कमिश्नर आईजी कलेक्टर एसपी का काम करने लगते है तो फिर तालमेल नहीं बैठ पाता, लेकिन मैं जिस पद पर रहा वहां सामजस्य बना रहा।
श्री रूपला ने बताया कि उन्होंने संभागायुक्त के कार्यकाल में 750 से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया और कई सालों से लंबित विभागीय जांच के मामलों को निपटाया, लेकिन सेवा निवृत्ति के अंतिम माह में किसी भी कोड प्रकरण की सुनवाई नहीं की। संभागायुक्त ने कहा कि हमने प्रकरणों के निराकरण के लिए आठ दिन में फैसला करने का निर्णय लिया और इसे अमल में भी लाये। इसी तरह जेएएच और जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का आम लोगों को लाभ दिलाने के लिए संसाधन जुटाए इतना ही नहीं कई नए उपकरण शासन से मंजूरी लेकर मंगवाएं जिससे लोगों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज मिल सके। बताना होगा कि श्री रूपला कल 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद रात्रि में जीटी एक्सप्रेस से भोपाल प्रस्थान करेंगे ।

जब वो अपने पैरों पर चला तो मुझे सुकून मिला
संभागायुक्त एस.एन. रूपला यूं तो काफी भावुक है, लेकिन ग्वालियर में पौने दो साल के कार्यकाल में कुछ घटनाओं को अपने लिए अहम मानते है।
इनमें से एक घटना अपंग बालक की है जिसके इलाज के लिए पैसे की कमी बाधा बन रही थी श्री रूपला को मालूम चला तो उन्होंने बालक को परिजनों के साथ बुलवाया डॉ. समीर गुप्ता से उसके इलाज के लिए कहा और इलाज पर खर्च राशि का इंतजाम कराया।
जब बालक का ऑपरेशन हो गया तो स्वयं श्री रूपला मिलने अस्पताल गए और हालचाल जाना, लेकिन बालक ने पलंग से उठकर चलकर बताया और कहा कि आप मेरे भगवान है अब मैं चल सकता हूं। इतना सुनकर संभागायुक्त को सुकूून मिला और माना कि अगर किसी को मदद करनी है तो उसे समय पर मिले इसका भी ध्यान रखना होगा।

मैं जहां भी रहा मुझे जनता का स्नैह मिला
संभागायुक्त एस.एन. रूपला चार जिलों में कलेक्टर रहे और अब ग्वालियर संभाग के आयुक्त पद से गुरूवार 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे है। श्री रूपला की कार्यशैली ऐसी बनी कि लोग उन्हें अपना मानते है। उन्होंने राजस्व प्रकरणों को समय पर निपटाया स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी और पहले आम आदमी से मुलाकात का समय निकाला इसके बाद विभागीय अफसरों को बुलाया। यहीं वजह रही कि श्री रूपला अब भी अपनी लोकप्रियता के लिए आम लोगों के बीच जगह बना चुके है और इसे वो मानते भी है उन्होंने कहा कि मैं जहां भी रहा मुझे जनता का स्नैह मिला।

सीएम हाउस में देंगे सेवाएं
भारतीय प्रशासनिक सेवा से निवृत्त होने के बाद एस.एन. रूपला मुख्यमंत्री हाउस में अपनी सेवाएं देंगे। कहा जा रहा है कि श्री रूपला सी.एम. के ओएसडी का काम देखेंगे। हालांकि इस संबंध में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इसे लेकर शासन द्वारा आदेश जारी होंगे। बताना होगा कि इससे पहले ग्वालियर संभागायुक्त के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद स्व. डॉ. कोमल सिंह सीएम हाउस में ओएसडी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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