उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ ने किया जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¥à¤µà¤¿à¤¦ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का शà¥à¤à¤¾à¤°à¤‚à¤
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° । मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया ने कहा है कि जà¥à¤¯à¥‹à¤°à¥à¤¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¦ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ ही है à¤à¤¸à¤¾ मेरा मानना है। देश के बडे बडे जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को देश के विकास में जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· विदà¥à¤¯à¤¾ का उपयोग करना चाहिà¤à¥¤ इसके साथ ही जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° से आज की पीढी को अवगत कराने के लिठसà¤à¥€ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में इसका अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कराया जाना चाहिà¤à¥¤ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के सà¤à¥€ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को इसकी शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो, इसके लिठसरकार कारà¥à¤¯ करेगी।
उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया ने शनिवार को जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के गालव सà¤à¤¾à¤—ार में मारà¥à¤¡à¤¨ à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ रिसरà¥à¤š सोसायटी गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° और जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के संयà¥à¤•à¥à¤¤ ततà¥à¤µà¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ में आयोजित दो दिवसीय अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जà¥à¤¯à¥‹à¤°à¥à¤µà¤¿à¤¦ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि के रà¥à¤ª में यह बात कही। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की कà¥à¤²à¤ªà¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‹. संगीता शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾ ने की। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में विशिषà¥à¤ ि अतिथि के रà¥à¤ª में डीआईजी बीà¤à¤¸à¤à¤« टेकनपà¥à¤° कैलाश चनà¥à¤¦ जाट, जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के कà¥à¤²à¤¸à¤šà¤¿à¤µ आनंद मिशà¥à¤°à¤¾, संसà¥à¤¥à¤¾ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· रमेश वायगांवकर, जयपà¥à¤° के जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‡à¤® शंकर शरà¥à¤®à¤¾ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे। दो दिवसीय समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में देश à¤à¤° के जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤µà¤¿à¤¦ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहेगें।
उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ वरà¥à¤· में जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¥€ विदà¥à¤¯à¤¾ अनादिकाल से विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ है। हमारे देश में गà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ की दशा से मनà¥à¤·à¥à¤¯ के à¤à¥‚त व à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ का विवरण जà¥à¤žà¤¾à¤¤ किया जाता रहा है। हमारे देश में पंचाग à¤à¥€ जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ की गणना के मान से तैयार किठजाते रहे हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हमारे देश की यà¥à¤µà¤¾ पीढी को इस विधा से रà¥à¤¬à¤°à¥ कराने और इस विधा को और विकसित करने के लिठहमें इसे शिकà¥à¤·à¤¾ पदà¥à¤µà¤¤à¤¿ में शामिल कर इस विधा को और समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करना होगा।
उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ पवैया ने कहा कि आज à¤à¥€ हमारे देश में कितना à¤à¥€ समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो लेकिन वह अपना à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ जानने के लिठउतà¥à¤¸à¥à¤• रहता है।किसी à¤à¥€ शà¥à¤ कारà¥à¤¯ के लिठहम सब शà¥à¤ मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤ के लिठजà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ के पास ही जाते हैं। जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अपनी विधा का उपयोग केवल वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ à¤à¤° के लिठबलà¥à¤•ि देश के विकास के लिठकरना चाहिà¤à¥¤
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ करते हà¥à¤ जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की कà¥à¤²à¤ªà¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‹. संगीता शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾ ने कहा कि जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जà¥à¤¯à¥‹à¤°à¥à¤¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¦ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का आयोजन किया जा रहा है। इस समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में पधारे सà¤à¥€ जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ के दौरान यहां के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ रà¥à¤¬à¤°à¥ होकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस विधा के बारे में जानकारी दें ताकि उनकी रà¥à¤šà¤¿ à¤à¥€ इस दिशा में और विकसित हो सके। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि जीवाजी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· विदà¥à¤¯à¤¾ पर अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ कारà¥à¤¯ किया जा रहा है। पà¥à¤°à¥‹. संगीता शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾ ने कहा कि हमारे देश की ये सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¤¿à¤ª विधा है, आवशà¥à¤¯à¤•ता है इसे और अधिक विकसित करने की है।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के विशेष अतिथि बीà¤à¤¸à¤à¤« टेकनपà¥à¤° के डीआईजी कैलाश चनà¥à¤¦ जाट ने कहा कि जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· शासà¥à¤¤à¥à¤° आज के कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर यà¥à¤— में गणना के लिठऔर आसान हो गया है। इस विधा का अधिक से अधिक विसà¥à¤¤à¤¾à¤° किया जाना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि इस विधा से न केवल वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ बलà¥à¤•ि पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आपदाओं की à¤à¥€ जानकारी समय समय पर हमें मिलती है। इस विधा का उपयोग जनकलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठअधिक से अधिक किया जाना चाहिà¤à¥¤ जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ का यह दायितà¥à¤µ है कि वे इस विधा से यà¥à¤µà¤¾ पीढी को à¤à¥€ अवगत कराà¤à¤‚ तथा इसकी महतà¥à¤¤à¤¾ के बारे में à¤à¥€ जानकारी दें।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठमें संसà¥à¤¥à¤¾ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· रमेश वायगांवकर ने बताया कि जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· विदà¥à¤¯à¤¾ को शोधपरक बनाकर विकास करने के लिठही इस संसà¥à¤¥à¤¾ का गठन किया गया था। वरà¥à¤· 1997 में संसà¥à¤¥à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¥à¤® समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨, वरà¥à¤· 2007 में दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ à¤à¤µà¤‚ तृतीय समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ वरà¥à¤· 2017 में आयोजित किया जा रहा है। इस समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में देशà¤à¤° à¤à¤° से पधारे जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ अपने शोध का वाचन करेगें तथा नठशोधों की जानकारियों से नठयà¥à¤µà¤¾ जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अवगत कराà¤à¤‚गे।