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हिंसा छोड़ नक्सली बातचीत के लिए आगे आएं, हम तैयार हैं: राजनाथ

रायपुर.राजनाथ सिंह ने कहा कि नक्सली अगर मुख्य धारा में आना चाहते हैं तो संविधान के दायरे में उनसे चर्चा की जाएगी। बंदूक के दम पर किसी भी समस्या का हल नहीं निकल सकता। नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत से समस्या का हल निकालने में सहयोग करें। पहल तो नक्सलियों को ही करनी होगी...

- राजनाथ ने कहा कि नक्सल समस्या का हल केवल बातचीत है। केंद्र बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसकी पहल तो नक्सलवादियों को ही करनी होगी। राजनाथ ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान यह बात कही।
- बता दें कि मुख्यमंत्री के तौर पर 5 हजार दिन पूरे करने के मौके पर 14 अगस्त को डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में चार दशकों से सक्रिय नक्सलियों से बातचीत में बड़ी पहल की थी। उधर, सोशल वर्कर स्वामी अग्निवेश भी चर्चा के लिए राजनाथ को सबसे भरोसेमंद बता चुके हैं। इस पहल को राजनाथ ने भी हाथोंहाथ लिया है।
- सीएम रमन सिंह ने कहा था कि हमारी चर्चा की टेबल तैयार है, नक्सली बातचीत करना चाहते हैं तो सामने आएं। उन्होंने बातचीत के लिए बाकायदा डीजीपी एएन उपाध्याय और डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी का नाम भी सामने कर दिया है। रमन का तर्क है कि सरकार राज्य में शांति बहाली के लिए सारे रास्तों पर काम करना चाहती है।
रमन की पहल को राजनाथ आगे बढ़ाएं : अग्निवेश
- नक्सलियों से सरकार की बातचीत के लिए स्वामी अग्निवेश ने मध्यस्थता करने में रजामंदी जताई हैं। रमन सिंह के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए उन्होंने भास्कर से कहा कि मैं बातचीत के लिए नक्सली नेताओं को तैयार करूंगा। पर बातचीत की पहल ईमानदारी से होनी चाहिए।
- अग्निवेश ने कहा, "मुख्यमंत्री का प्रस्ताव ठीक है। आजाद की तरह दोबारा छल-प्रपंच न हो। इस कारण पूरे मसले में सरकार की ओर से पारदर्शिता और ईमानदारी बरती जाए। मीडिया को इसमें इन्वॉल्व करें। राजनाथ सिंह को गंभीरता के साथ मोर्चा संभालना चाहिए।"
- "सरकार के प्रयास में ईमानदारी दिखी तो मैं पूरी ताकत से बातचीत के लिए प्लैटफॉर्म तैयार करने का प्रयास करूंगा। उनका कहना है कि यह छत्तीसगढ़ के साथ कई राज्यों से जुड़ा मामला है। इसे लेकर दो बार राजनाथ से मिलकर सारी बातें बता चुका हूं।"
- "जब सरकार बातचीत का सिलसिला चलाए, तो हम भी सहयोग करने तैयार हैं।" अग्निवेश ने इस मुद्दे पर नक्सलियों के किसी नेता या मेंबर से किसी भी तरह की चर्चा से इनकार किया। उन्होंने कहा, "पहले केंद्र पहल करे। अगर रमन सही तरीके से चर्चा करना चाहते हैं तो सकारात्मक संदेश देने जेलों में बंद निर्दोष ग्रामीणों को रिहा करे।"

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