पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है महरà¥à¤·à¤¿ वालà¥à¤®à¥€à¤•ी का जीवन - मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤°à¤¾
जल संसाधन, जनसमà¥à¤ªà¤°à¥à¤• à¤à¤µà¤‚ संसदीय कारà¥à¤¯ विà¤à¤¾à¤— मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤°à¤¾ वालà¥à¤®à¥€à¤•ी जयंती पर दतिया में कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हà¥à¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने महरà¥à¤·à¤¿ वालà¥à¤®à¥€à¤•ी की मूरà¥à¤¤à¤¿ पर मालà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤ªà¤£ कर नमन किया और आरती उतारी।
मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. मिशà¥à¤°à¤¾ ने कहा कि यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ चाहे तो परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने बस में कर सकता है। महारà¥à¤·à¤¿ वालà¥à¤®à¥€à¤•ी का संपूरà¥à¤£ जीवन इसी बात पर आधारित है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जीवन में संघरà¥à¤· कर शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया और वह आज पूरे संसार में महरà¥à¤·à¤¿ के रूप में जाने जाते हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जनà¥à¤® से महान नहीं होता उसका करà¥à¤® उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ महान बनाता है।
जनसंपरà¥à¤• मंतà¥à¤°à¥€ ने कहा कि महरà¥à¤·à¤¿ वालà¥à¤®à¥€à¤•ी संसार के पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ कवि माने जाते हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने संसà¥à¤•ृत à¤à¤¾à¤·à¤¾ में रामायण की रचना की। महरà¥à¤·à¤¿ जीवन के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठमें à¤à¤• साधारण वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ थे। वह अपनी मेहनत, लगन और कारà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ समरà¥à¤ªà¤£ से महान बनकर उचà¥à¤š पद पर आसीन हà¥à¤à¥¤ उनका जीवन हम सबके लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ है।
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठमें पाठà¥à¤¯-पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• निगम के उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ अवधेश नायक ने à¤à¥€ संबोधित किया।