तेल पर आयात शुल्क हो सकता है कम
केंद्र सरकार मप्र के व्यापारियों के दबाव में एक और निर्णय बदल सकती है। अब खाद्य तेलों के आयात पर लगने वाले शुल्क में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे पहले मप्र के कारोबारियों के दबाव में काबुली चने पर स्टाक लिमिट हटाने का निर्णय भी दिल्ली में हो चुका है।
अब केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने का सुझाव दिया है। स्वदेशी तिलहन उत्पादकों के हितों की रक्षा को इसका कारण बताया गया है। दरअसल बीते समय दि सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सोपा) के चेयरमैन डेविश जैन भी दिल्ली पहुंचकर कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान से मिले थे। सोपा लंबे समय से आयातित तेलों पर ड्यूटी बढ़ाने की मांग कर रहा है।
रिफाइंड तेल पर 13.75% सीमा शुल्क
दलील है कि इससे किसानों को अपने उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्राप्त हो सकेगा और स्वदेशी तेल उद्योग से भी दबाव हटेगा। वर्तमान समय में क्रूड पाम तेल, सोयाबीन तेल तथा क्रूड सूरजमुखी तेल पर 5.5 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू है जिसमें सेस भी शामिल है। इसी तरह रिफाइंड खाद्य तेल पर 13.75 प्रतिशत का सीमा शुल्क प्रभावी है।
दाम घटने से सोयाबीन किसान नाराज
मप्र में सोयाबीन किसान भी सोयाबीन के घटते दाम से नाराज है। सीमा शुल्क में बढ़ोत्तरी नहीं होती है तब तक तिलहनों की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को प्रेरित-प्रोत्साहित करना मुश्किल है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले काबुली चने पर स्टाक लिमिट भी प्रदेश के व्यापारियों की मांग पर हटाई गई थी। अब केन्द्र सरकार द्वारा शीघ्र ही 6800 करोड़ रुपए वाले राष्ट्रीय तिलहन मिशन की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। ऐसे में स्थानीय उपज के अच्छे दाम के लिए सरकार आयात शुल्क बढ़ा सकती है।
इंदौर में खाद्य तेल बाजार में दिखी कमजोरी
खरीफ कालीन तिलहन फसलों और खासकर सोयाबीन तथा मूंगफली के नए माल की आवक सितंबर से शुरू होने वाली है जबकि अक्टूबर से रबी सीजन की तिलहन फसलों और विशेषकर सरसों की बिजाई शुरू हो जाएगी। ताजा संकेतों के बाद सोयाबीन और तेल बाजार को सहारा मिल सकता है। बीते दिन से सोयाबीन में वैसे भी सुधार हो रहा है। हालांकि बढ़ते दामों पर भी बाजार में बिकवाल कमजोर है।
मंगलवार को इंदौर खाद्य तेल बाजार में ग्राहकी कुछ कमजोर देखने को मिली है जिसे सोया तेल के बढ़ते दामों में रुकावट आई है। मंडी में सरसों निमाड़ी (बारीक) 5600-5650 एवरेज सरसों बारीक 5200-5300 राइडा 5000-5200 सोयाबीन 4500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।
लूज तेल- (प्रति दस किलो के भाव) मूंगफली तेल इंदौर 1550-1570, मुंबई मूंगफली तेल 1560 इंदौर सोयाबीन तेल रिफाइंड 960-965, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 915-920 इंदौर पाम 1010-1015 मुंबई सोया रिफाइंड 975, मुंबई पाम तेल 960, सोयाबीन डीगम 925 राजकोट तेलिया 2430, गुजरात लूज 1540, कपास्या तेल इंदौर 935 रुपये।